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हेजिंग लागत

हेजिंग लागत

हेजिंग क्या होती है? (What is Hedging in Stock market in Hindi)

हेजिंग एक वित्तीय रणनीति है जिसे हेजिंग लागत निवेशकों द्वारा समझा और इस्तेमाल किया जाना चाहिए क्योंकि यह लाभ प्रदान करता है। एक निवेश के रूप में, यह किसी व्यक्ति के वित्त को एक जोखिम भरी स्थिति (Risk hedging) के संपर्क में आने से बचाता है जिससे मूल्य का नुकसान हो सकता है। हालांकि, हेजिंग का मतलब यह नहीं है कि निवेश का मूल्य बिल्कुल भी कम नहीं होगा। बल्कि, ऐसा होने की स्थिति में, किसी अन्य निवेश (Investment)

किसी भी स्टॉक में हेजिंग (Hedging a stock) करते समय हर निवेश (Investment) के साथ आने वाले खतरों को पहचानना चाहिए और किसी भी अप्रिय घटना से सुरक्षित रहने के लिए हेजिंग स्ट्रेटेजी (Hedging Strategy) चुनना है जो किसी के वित्त को प्रभावित कर सकता है। इसका एक स्पष्ट उदाहरण कार बीमा प्राप्त करतने जैसा है जो की कार दुर्घटना की स्थिति में, बीमा पॉलिसी मरम्मत की लागत का कम से कम हिस्सा पास करेगी।

हेजिंग रणनीतियाँ कैसे काम करती हैं? (Hedging Techniques)

हेजिंग (Hedging is) वह संतुलन है जो किसी भी प्रकार के निवेश का समर्थन करता है। हेजिंग का एक सामान्य रूप एक व्युत्पन्न या एक अनुबंध है जिसका मूल्य एक अंतर्निहित परिसंपत्ति द्वारा मापा जाता है। मान लीजिए, उदाहरण के लिए, एक निवेशक किसी कंपनी के शेयरों को इस उम्मीद से खरीदता है कि ऐसे शेयरों की कीमत बढ़ जाएगी। हालांकि, इसके विपरीत, कीमत गिर जाती है और निवेशक को नुकसान होता है।

ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है यदि निवेशक यह सुनिश्चित करने के लिए एक विकल्प का उपयोग करता है कि ऐसी नकारात्मक घटना के प्रभाव को संतुलित किया जाएगा। एक विकल्प (Option) एक समझौता है जो निवेशक को एक निश्चित अवधि के भीतर सहमत मूल्य पर स्टॉक खरीदने या बेचने की सुविधा देता है। इस मामले में, एक पुट विकल्प (Put Option) निवेशक को स्टॉक की हेजिंग लागत कीमत में गिरावट से लाभ कमाने में सक्षम बनाता है। वह लाभ स्टॉक खरीदने से उसके नुकसान के कम से हेजिंग लागत कम हिस्से की भरपाई करेगा। इसे सबसे प्रभावी हेजिंग रणनीतियों में से एक माना जाता है।

हेजिंग रणनीतियों के उदाहरण (Example of Hedging)

Hedging meaning with example

विभिन्न हेजिंग रणनीतियाँ (hedging strategies) हैं, और हर एक अद्वितीय है। निवेशकों को न केवल एक रणनीति का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, बल्कि सर्वोत्तम परिणामों के लिए अलग-अलग रणनीति का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। नीचे कुछ सबसे सामान्य हेजिंग रणनीतियाँ दी गई हैं जिन पर निवेशकों को विचार करना चाहिए:

हेजिंग रणनीतियों के विविध प्रकार (Types of Hedging)

विविधीकरण ( Diversification)

विविधीकरण तब होता है जब कोई निवेशक अपने वित्त को ऐसे निवेशों में लगाता है जो एक समान दिशा में नहीं चलते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो यह विभिन्न प्रकार की संपत्तियों में निवेश (Investment) कर रहा है जो एक-दूसरे से संबंधित नहीं हैं ताकि यदि इनमें से एक में गिरावट आती है, तो अन्य बढ़ सकते हैं।

उदाहरण के लिए, एक व्यवसायी हेजिंग लागत एक होटल, एक निजी अस्पताल और मॉल की एक श्रृंखला से स्टॉक खरीदता है। यदि पर्यटन उद्योग जहां होटल संचालित होता है, एक नकारात्मक घटना से प्रभावित होता है, तो अन्य निवेश प्रभावित नहीं होंगे क्योंकि वे संबंधित नहीं हैं।

आर्बिट्राज रणनीति ( Arbitrage Strategy)

आर्बिट्राज रणनीति बहुत सरल है फिर भी बहुत चालाक है। इसमें एक उत्पाद खरीदना और उसे तुरंत दूसरे बाजार में उच्च कीमत पर बेचना शामिल है; इस प्रकार, छोटे लेकिन स्थिर लाभ कमा सकते हैं। रणनीति का सबसे अधिक उपयोग शेयर बाजार (Stock Market) में किया जाता है।

आइए एक जूनियर हाई स्कूल के छात्र का एक बहुत ही सरल उदाहरण लेते हैं जो बाटा आउटलेट स्टोर से एक जूते की जोड़ी ₹ ४०० में खरीदता है जो उसके घर के पास केवल है और वो उसे अपने सहपाठी को ₹ ६०० में बेच देता है। स्कूल का साथी डिपार्टमेंटल स्टोर की तुलना में बहुत सस्ती कीमत पाकर खुश होता है और वो इसे ₹ १००० में किसी और को बेचता है।

औसत गिरावट रणनीति ( Average down Strategy)

औसत डाउन स्ट्रैटेजी में किसी विशेष उत्पाद की अधिक मात्रा खरीदना शामिल है, भले ही उत्पाद की लागत या बिक्री मूल्य में गिरावट आई हो। स्टॉक निवेशक अक्सर अपने निवेश की हेजिंग की इस रणनीति का उपयोग करते हैं। यदि उनके द्वारा पहले खरीदे गए स्टॉक की कीमत में काफी गिरावट आती है, तो वे कम कीमत पर अधिक शेयर खरीदते हैं। फिर, यदि कीमत उनके दो खरीद मूल्यों के बीच बढ़ जाती है, तो दूसरी खरीद से होने वाला लाभ पहले में नुकसान की हेजिंग लागत भरपाई कर सकता है।

नकदी में रहना ( Staying in cash)

यह रणनीति सुनने में जितनी सरल लगती है। निवेशक अपने पैसे का एक हिस्सा नकद में रखता है, अपने निवेश में संभावित नुकसान के खिलाफ बचाव करता है।

हेजिंग के क्षेत्र ( Areas of hedging)

हेजिंग का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों जैसे वस्तुओं में किया जा सकता है, जिसमें गैस, तेल, मांस उत्पाद, डेयरी, चीनी और अन्य चीजें शामिल हैं।

एक अन्य क्षेत्र प्रतिभूतियां हैं, जो आमतौर पर स्टॉक और बॉन्ड के रूप में पाई जाती हैं। निवेशक किसी भी भौतिक वस्तु को अपने कब्जे में लिए बिना प्रतिभूतियों को खरीद सकते हैं, जिससे वे आसानी से व्यापार योग्य संपत्ति बन जाते हैं। मुद्राओं को भी हेज किया जा सकता है ।

अंतिम विचार ( हेजिंग लागत Final thoughts)

हेजिंग (Hedging) एक महत्वपूर्ण सुरक्षा है जिसका उपयोग निवेशक अपने निवेश को वित्तीय बाजारों में अचानक और अप्रत्याशित परिवर्तनों से बचाने के लिए कर सकते हैं।

जरुरी संपर्क (LINKS) इन शेयर मार्किट – NSE & BSE INDIA : IMPORTANT LINKS

हेजिंग लागत

ज्वेलर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। उन्हें अब ज्वेलरी के लिए सोना मिलना कुछ आसान हो जाएगा। आरबीआई ने 20:80 स्कीम के तहत सोने के इंपोर्ट के नियम आसान कर दिए हैं। इस स्कीम के तहत बैंक और स्टार ट्रेडिंग एजेंसियों के जरिए सोने का इंपोर्ट करना आसान होगा। दिग्गज ट्रेडिंग हाउसेज भी 20:80 स्कीम के तहत इंपोर्ट कर पाएंगे। हालांकि, आरबीआई ने इंपोर्ट के लिए सोने की मात्रा में बढ़ोतरी नहीं की है।

टाइटन के सूत्रों से खबर मिली है कि नए नियम के तहत 2012 के स्तरों पर बैंकों से सोना मिलेगा। वहीं नए नियमों से सोने का प्रीमियम कम होने से सोना सस्ता मिलेगा। आरबीआई के सोने के इंपोर्ट नियमों में ढील देने से कंपनियों की लागत कम होगी और नए नियमों से हेजिंग करने में भी आसानी होगी।

थंगामाइल ज्वैलरी के ज्वाइंट एमडी , बी ए रमेश का कहना है कि आरबीआई का ये कदम अच्छा है। सोने के इंपोर्ट नियमों में ढील मिलने से प्रीमियम में 30 डॉलर तक की कमी आने की उम्मीद है। वहीं, ज्वैलरी इंडस्ट्री की मांग है कि सरकार सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाए और 20:80 स्कीम को हटाया जाए।

मोदी सरकार की नई तैयारी, अगले साल से ग्लोबल ETF लाने की योजना

अमित कुमार दुबे

वित्त मंत्रालय वैश्विक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) शुरू करने की योजना बना रहा है. इससे पीछे उद्देश्य विदेश के बड़े पेंशन कोषों से दीर्घावधि का निवेश आकर्षित करना है. इस तरह के कोष के प्रति बड़े निवेशकों की रुचि का अध्ययन करने के बाद नया ईटीएफ लाया जाएगा. एक अधिकारी ने कहा कि नया ईटीएफ अगले वित्त वर्ष में शुरू किया जाएगा. (Photo: getty)

मोदी सरकार की नई तैयारी, अगले साल से ग्लोबल ETF लाने की योजना

मंत्रालय पहले 'भारत-22' ईटीएफ को विदेशी बाजार में सूचीबद्ध करने का विचार कर रहा था, लेकिन यह विचार छोड़ दिया गया. निवेशकों ने इसमें निवेश से जुड़ी लागत को लेकर आशंका जताई थी. इन लागतों में हेजिंग(बाजार में उतार चढ़ाव से बचने के लिए वायादा-विकल्प के सौदे करने) और धन को एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा में बदलने जैसी लागतें शामिल हैं. (Photo: File)

मोदी सरकार की नई तैयारी, अगले साल से ग्लोबल ETF लाने की योजना

एक अधिकारी ने कहा, 'इसके पीछे लक्ष्य ऐसे निवेशकों को आकर्षित करना है जिन्होंने अभी तक निवेश नहीं किया गया है. ये विदेश के बड़े पेंशन कोष हैं. एक नए ईटीएफ पर विचार किया जा रहा है. इसका गठन निवेशकों की रुचि वाले क्षेत्रों के आधार पर किया जाएगा.'

मोदी सरकार की नई तैयारी, अगले साल से ग्लोबल ETF लाने की योजना

अधिकारी ने कहा कि ऐसे केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (सीपीएसई) जिनमें सरकारी की हिस्सेदारी के विनिवेश की उल्लेखनीय गुंजाइश है, को वैश्विक सूचीबद्धता के लिए प्रस्तावित ईटीएफ में शामिल किया जाएगा. ये ऐसे सीपीएसई होंगे जिनमें प्रवर्तक की हिस्सेदारी 58 से 60 प्रतिशत से अधिक होगी. (Photo: File)

मोदी सरकार की नई तैयारी, अगले साल से ग्लोबल ETF लाने की योजना

सरकार के दो एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स- सीपीएसई ईटीएफ और भारत-22 ईटीएफ घरेलू शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हैं. भारत-22 ईटीएफ 2017-18 में शुरू किया गया. इसका यूनिटों से जुटा धन 16 केंद्रीय उपक्रमों, तीन सरकारी बैंकों और निजी क्षेत्र की तीन कंपनियों आईटीसी, एलएंडटी और एक्सिस बैंक के शेयरों में लगाया गया है जिनमें यूनिटट्रस्ट आफ इंडिया की विशिष्ट इकाई (एसयूयूटीआई) की हिस्सेदारी है. (Photo: getty)

मोदी सरकार की नई तैयारी, अगले साल से ग्लोबल ETF लाने की योजना

सीपीएसई ईटीएफ 2014 में 10 प्रतिष्ठित केंद्रीय उपक्रमों के शेयरों के निवेश के आधार पर शुरू किया गया था. अब तक सरकर भारत-22 की दो किस्तों से 22,900 करोड़ रुपये और सीपीएसई ईटीएफ की तीन किस्तों से 11,500 करोड़ रुपये जुटा चुकी है. (Photo: File)

उत्तर रेलवे के जीएम शुक्रवार को करेंगे स्टेशन का निरीक्षण: सरसावा रेलवे स्टेशन की सूरत बदली, लाखो की लागत से किया जा रहा कायाकल्प

उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल 25 नवंबर शुक्रवार को सरसावा रेलवे स्टेशन का वार्षिक निरीक्षण करने के लिए आने वाले हैं। महाप्रबंधक के आने की सूचना के बाद से स्टेशन प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी है। खासतौर से रेलवे स्टेशन को चमकाने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी जीएम को आने में दो दिन बचे हैं। लेकिन रेलवे स्टेशन चमक गया है।

रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के सहारनपुर दौरे के बाद, कायाकल्प होने लगे रेलवे स्टेशन

बता दें कि सहारनपुर में हाल ही में रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव के दौरे के बाद कई रेलवे स्टेशन के कायाकल्प को बदला जा रहा है लाखो की लागत से काम हो रहा है बताते चलें कि सरसावा रेलवे स्टेशन पर भी लाखो की लागत से सौंदर्य करण का कार्य हो रहा है।

बड़े अधिकारी के आने की सूचना पर ही सफाई प्रबंधन देता है ध्यान

स्थानीय रेलवे स्टेशन की सफाई पर प्रबंधन तभी ध्यान देता है जब कोई बड़ा अधिकारी आने को होता है। यही वजह है कि जीएम के आने की सूचना के बाद से ही स्टेशन प्रबंधन ने सफाई पर विशेष ध्यान दे रहा हैं। स्टेशन की लगातार सफाई कर्मी सफाई कर रहे हैं। साथ ही स्टेशन को रंग पोतकर चमकाया जा रहा है।

रेलवे स्टेशन सरसावा में जाकर देखा गया तो सभी तरफ कर्मचारी कार्य में व्यस्त थे। कोई रंग रोगन कर रहा था तो कोई सफाई व्यवस्था दुरुस्त कर रहा था। रेलवे स्टेशन की इमारत को भी बहुत सुंदर ढंग रंग रोगन कर चमकाया जा रहा था।

विशेष ट्रेन से आएंगे जीएम

रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज ने बताया कि उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल 25 नवंबर शुक्रवार को रेलवे स्टेशन का वार्षिक निरीक्षण करने के लिए आने वाले है। दिल्ली से विशेष ट्रेन से आ रहे हैं। इस दौरान वे स्टेशन का निरीक्षण भी करेंगे। इस वजह से प्रबंधन स्टेशन को चमकाने की पूरी कवायद कर रहा है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी।

गुलाब व चंपा की खुशबू से महकेगा चिल्ड्रन पार्क, 18 प्रजातियों के लगेंगे फूल

रेलवे स्टेशन के पास बच्चों के खेलने के लिए चिल्ड्रन पार्क भी बनाया जा रहा है। रेलवे स्टेशन के चारों ओर फैली गंदगी को साफ कर शानदार पार्क बनाया जा रहा है। पार्क में 18 प्रजातियों के खुशबूदार फूल लगेंगे। जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। गुलाब, चंपा, अशोका पंडोला,रबर प्लांट, फोस्टल फॉम, बोगनविलिया, हेजिंग प्लांट, गेंदा, फिटोनिया के अलावा सिलेक्शन नंबर वन ग्रास कारपेट बिछाया जा रहा है।

मिकी माउस, पर्यावरण और हिरण की वॉल पेंटिंग बच्चों के मन को रखा

सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज ने बताया कि पार्क में हिरन मिकी माउस व पर्यावरण को हरा भरा रखने के लिए वॉल पेंटिंग बनवाई गई है जिसे बनाने के लिए हरियाणा के यमुनानगर से कुशल पेंटर बुलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्क में बच्चों के खेलने के लिए अच्छे झूले भी लगेंगे तथा युवाओं के खेलने के लिए बैडमिंटन कोर्ट भी तैयार किया जा रहा है इसमें जिम का सामान भी रहेगा।

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