बाजार अवलोकन

कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं?

कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं?

लाभांश कितने प्रकार के होते हैं?

इसे सुनेंरोकेंलाभांश (अंग्रेज़ी:Dividend / डिविडेंड) किसी कंपनी के लाभ में भागीदारों का अंश होता है जो वह कंपनी लाभ कमाने पर अपने शेयरधारकों को देती है। उसके पश्चात्‌ कंपनी अपनी सामान्य बैठक में लाभांश की घोषणा करती है, किंतु यह राशि संचालकों द्वारा सिफारिश की गई राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए। …

विभाज्य लाभ से आप क्या समझते हैं यह लाभांश से किस प्रकार भिन्न है?

इसे सुनेंरोकेंलाभांश का अर्थ लाभ का वह भाग, जिसे विभाज्य लाभ कहते हैं, जो कम्पनी के सदस्यों को प्राप्त होता है, लाभांश कहलाता है। विभाज्य लाभ से आशय कम्पनी के उन लाभों से है जो वैधानिक तौर पर कम्पनी के अंशधारियों के बीच बांटे जा सकते हैं।

शेयर मार्केट में डिविडेंड क्या होता है?

इसे सुनेंरोकेंजैसा की इसके अर्थ से ज्ञात होता है यह लाभ का एक अंश है , यानी की स्टॉक मार्केट की भाषा में कहा जाये तो , जब कंपनियां अपने निवेशकों या शेयर धारकों को अपने कंपनी में हुए मुनाफे में से सभी तरह के टैक्स और देनदारी हटा कर बचे हुए मुनाफे में से कुछ हिस्सा नकद के रूप में प्रति शेयर के हिसाब से देती हैं तो उसे डिविडेंड कहते ..

विभाजन योग लाभ क्या है लाभांश भुगतान के संबंध में कंपनी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को लिखिए?

इसे सुनेंरोकेंविभाजन योग्‍य लाभ से आशय उस लाभ से है जो कम्‍पनी द्वारा प्राप्‍त कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? लाभों में से सभी खर्चो को घटाने एंव संचय वे कोषों मे हस्‍तान्‍तरण के बाद बचते है यदि कम्‍पनी को नगद राशि की आवश्‍यकता है तो कम्‍पनी लाभ के सम्‍पूर्ण भाग को लाभांश के रूप में वितरित न कर उस व्‍यवसाय मे ही रख सकती है

विभाज्य लाभ क्या हैं लाभांश के वितरण के संबंध में कंपनी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की व्याख्या करें?

इसे सुनेंरोकेंविभाजन योग्य लाभ (Divisible Profits) का वह भाग जो कम्पनी के प्रत्येक सदस्य को उसके द्वारा धारित अंशों के अनुपात में प्राप्त होता है, ‘लाभांश’ कहलाता है। विभाजन योग्य लाभ से अवश्य कम्पनी के उन लाभों से है, जो वैधानिक तौर पर अंशधारियों में लाभांश के रूप में बाँटे जा सकते है

डिविडेंड कैसे मिलता है?

इसे सुनेंरोकेंकंपनी को एक साल में जो मुनाफा होता है उसको शेयरधारकों में बाँटा जाता है और इसे ही डिविडेंड कहते हैं। कंपनी अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देती हैं। डिविडेंड प्रति शेयर के आधार पर दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर 2012-13 में इन्फोसिस ने हर शेयर पर 42 रुपये का डिविडेंड दिया था।

लाभांश वितरण के संबंध में कंपनी अधिनियम में कौन कौन से प्रावधान किए गए हैं?

इसे सुनेंरोकेंभारत के आयकर अधिनियम के अनुच्छेद 115-ओ के तहत घरेलू कंपनी द्वारा लाभांश के रूप में कोई भी घोषित, वितरित या भुगतान की गई राशि लाभांश वितरण कर (Dividend distribution tax/DDT) के लिए करपात्र होगी। केवल घरेलू कंपनी (विदेशी कंपनी कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? नहीं) ही इस कर के लिए करपात्र है।

पूर्वाधिकार लेनदार क्या है?

इसे सुनेंरोकेंकम्पनी द्वारा सर्वप्रथम इनको लाभांश का भुगतान किया जाता है तथा लाभांश की दर निश्चित होती है। यदि भविष्य में कम्पनी का समापन होता है तो लेनदारों का भुगतान करने के बाद कम्पनी की सम्पतियों से वसूल की गई राशि में से इस श्रेणी के शेयर होल्डर को अपनी पूँजी शेयर होल्डर की तुलना में पहले प्राप्त करने का अधिकार होता है।

अंशों के निर्गमन पर प्राप्त प्रीमियम के क्या लाभ है?

इसे सुनेंरोकें(ix) अंशों के निर्गमन के समय, प्रतिभूति प्रीमियम की अधिकतम राशि 10% होगी। (x) पूँजी का वह भाग जो कि समापन के समय माँगा गया है, आरक्षित पूँजी कहलाता है। (xi) हरण किए गए अंशों का बट्टे पर निर्गमन नहीं किया जा सकता। (xii) मूल रूप से बट्टे पर निर्गमित किए गए अंशों को प्रीमियम पर पुनः निर्गमित किया जा सकता है

कौन कौन सी कंपनी डिविडेंड देती है?

ऐसी कंपनियों को डिविडेंड यील्ड स्टॉक्स भी कहते हैं.

  • 1/5. SBI. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया ने 4 साल बाद डिविडेंड देने का एलान किया है.
  • 2/5. BPCL. BPCL के बोर्ड ने निवेशकों को 58 रुपये के फाइनल डिविडेंड देने का एलान किया है.
  • 3/5. TCS.
  • 4/5. Infosys.
  • 5/5. IOC.

शेयरधारकों को भुगतान नहीं की गई आय या लाभ को क्या कहा जाता है?

इसे सुनेंरोकेंलाभांश घोषित किया गया लेकिन किसी कारण से कुछ शेयरधारकों द्वारा दावा नहीं किया गया, लाभांश की ऐसी राशि (दावा नहीं की गई) को “लावारिस लाभांश” के रूप में जाना जाता है

Concor Share Price Target 2023, 2024, 2025, 2030 अच्छी कमाई | Concor Share: इस स्टॉक्स में निवेश का सुनहरा मौका, मार्केट एक्सपर्ट्स ने दिया यह टारगेट प्राइस

कॉनकॉर कंपनी की जानकारी (Concor Limited Company Profile)

Container Corporation of India Limited

New Delhi, India

भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड (काॅनकाॅर) कंपनी का गठन साल 1988 में हुई थीं। उस समय सिर्फ 7 अंतरदेशीय कंटेनर डेपो को लेकर साल 1989 में काम चालु हुआ। लेकिन अब इसका भारत में 61 टर्मिनलों का सबसे बड़ा नेटवर्क हैं। इसका हेडक्वार्टर दिल्ली, भारत में मौजुद हैं। वी कल्याण रामा इस कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। यह एक Central Public Sector Enterprise कंपनी हैं जो कि Indian Railway Under में काम करती हैं।

Railway Container

आज हम जानेंगे कि इस कंपनी के शेअर लेने चाहिये या नहीं? क्या आगे जाके Concor share price Target 2023 2024 2025 2030 में कोई ग्रोथ दिखेंगी या कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? नहीं? यह सब आपको इस आर्टिकल में हम बताने जा रहे हैं।

कॉनकॉर शेयर प्राइस टारगेट 2023 में कितना जायेगा? (Concor share price target 2023)

रेल लैंड लीज पाॅलिसी को कैबिनेट कि मंजुरी मिल गई हैं यह शेयर प्राइस के लिये बहुत एहम खबर निकलकर आई हैं इसे आनेवाले समय के लिये Concor Stock Price पाॅसिटिव यह सकता कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? हैं आनेवाले 6-12 महिने। इसके Share Chart को अगर आप गौर से देखेंगे तो आपको पता लग जायेगा कि बहुत ही अच्छा पैटर्न इसे बना हुआ हैं।

अगर Concor share कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? price Target 2023 कि बात करें तो इसका टारगेट निकलर आता हैं 870 और अगर दुसरे टारगेट कि बात करें तो यह लगभग 880 तक जा सकता हैं।

कॉनकॉर शेयर प्राइस टारगेट 2024 में कितना जायेगा? (Concor share price target 2024)

Company के मुख्यरुप से 3 Business हैं Cargo Carrier, Terminal Operators, Warehouse Operator और एमएमएलपी ऑपरेशन। इस कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? कंपनी को हम Indian Railways Subpart भी कह सकते हैं। कंपनी के

अगर Concor share price Target 2024 कि बात करें तो इसका टारगेट निकलर आता हैं 960 और अगर दुसरे टारगेट कि बात करें तो यह लगभग 980 तक जा सकता हैं।

कॉनकॉर शेयर प्राइस टारगेट 2025 में कितना जायेगा? (Concor share price target 2025)

CONCOR market Cap कि बात करें तो वो निकलर आ रहा हैं 36,759 करोंड़ रुपयें। यह एक Large Cap Company नजर आ रही हैं। अगर Industry P/E Ratio से तुलना करें तो यह तुलना में थोड़ी महंगी हैं। Company का Sales Growth देखें तो वह हर साल बढ़ता दिखाई दे रहा हैं।

अगर Concor share price Target 2025 कि बात करें तो इसका टारगेट निकलर आता हैं 1230 और अगर दुसरे टारगेट कि बात करें तो यह लगभग 1250 तक जा सकता हैं।

कॉनकॉर शेयर प्राइस टारगेट 2030 में कितना जायेगा? (Concor share price target 2030)

Concor Stock Dividend को देखें तो यह लगभग 1% Company Dividend देती हैं। कंपनी का कोई भी Stock Pledge नहीं हैं। कंपनी के ऊपर लगभग 735 करोंड़ का Debt दिखाई देता हैं अगर तुलना करें Market Cap से तो यह लगभग 2% के आसपास दिखाई देता हैं। कंपनी का Reserves देखें तो वह काफी बढ़िया दिखाई दे रहा हैं।

अगर Concor share price Target 2030 कि बात करें तो इसका पहला टारगेट निकलर आता हैं 3000 और अगर दुसरे टारगेट कि बात करें तो यह लगभग 3020 तक जा सकता हैं।

क्या होते हैं डिविडेंड यील्ड फंड, कोविड वाले साल में दिया 80 फीसदी रिटर्न

Mutual Funds: कोरोना के उथल-पुथल वाले मार्केट में भी इन फंड्स ने 60-80% से ज्यादा के रिटर्न कमाकर दिए हैं. वहीं 5 साल की अवधि में भी इनका CAGR 11-18% के बीच रहा है.

  • खुशबू तिवारी
  • Publish Date - May 7, 2021 / 07:42 PM IST

क्या होते हैं डिविडेंड यील्ड फंड, कोविड वाले साल में दिया 80 फीसदी रिटर्न

image: pixabay: एसेट एलोकेशन आपके पैसे को बेहतरीन तरीके से काम करने की एक प्रक्रिया है. शब्द "एसेट एलोकेशन फंड" एक ऐसे फंड को दर्शाता है, जो कई प्रकार के एसेट टाइप्स में निवेश करते हैं.

Mutual Funds: कोविड-19 महामारी से अर्थव्यवस्था के लिए अनिश्चितता पैदा हो गई है. इस वक्त निवेश की सुरक्षा के साथ ही बढ़ रही महंगाई से बेहतर रिटर्न कमाना भी जरूरी है. इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा है और यहां निवेश की सुरक्षा को लेकर चिंता रही है, लेकिन बतौर एसेट क्लास यही कैटेगरी है जिसने महंगाई को लंबे समय में बड़े मार्जिन से मात दी है.

इस कैटेगरी में डिविडेंड यील्ड फंड अच्छे रिटर्न के साथ आपको बड़ी कमाई का मौका दे सकते हैं.

क्या होते हैं डिविडेंड यील्ड फंड?

ये म्यूचुअल फंड्स की वो कैटेगरी है जो उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करती हैं जो अच्छा डिविडेंड देती हैं. ये वो कंपनियां हैं जिन्होंने अपनी वैल्यू को लगातार साबित किया है. ये कंपनियां शेयर धारकों को मोटे डिविडेंड देकर भी बेहतरीन कमाई कराती हैं.

अगर सीधे शेयर बाजार में निवेश ना कर आप ऐसे बड़े डिविडेंड देने वाली कंपनियों के बास्केट में निवेश करना चाहते हैं तो डिविडेंड यील्ड फंड ही आपके काम आएंगे. क्योंकि ये कंपनियां अपना प्रदर्शन साबित कर चुकी है, इनमें अक्सर अच्छे रिटर्न की उम्मीद रहती है.

कोरोना वाले साल में कैसा रहा प्रदर्शन?

कोरोना के उथल-पुथल वाले मार्केट में भी इन फंड्स ने 60 फीसदी के ऊपर के रिटर्न दिए हैं. वहीं 5 साल की अवधि में भी इनका CAGR 11 से 18 फीसदी के बीच रहा है.

मान लीजिए आपने आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल के डिविडेंड यील्ड फंड में एक साल पहले 10 हजार की SIP शुरू की होती तो आपकी ये रकम अब तक 1.54 लाख रुपये हो जाती. इसी तरह 1 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश 1.75 लाख रुपये हो चुका होता.

इनके अलावा, HDFC म्यूचुअल फंड ने भी दिसंबर 2020 में ही डिविडेंड यील्ड फंड लॉन्च किया है. इस फंड ने लॉन्च से अब कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? तक 11.14 फीसदी का रिटर्न दिया है. इसका एक्सपेंस रेश्यो 0.37 फीसदी है. एक्सपेंस रेश्यो वो चार्ज है जो फंड हाउस आपसे मैनेजमेंट फीस के तौर पर लेता है.

Dividend Yield Funds, Mutual Funds, Investment Planning, Mutual Fund Performance, Equity Funds

Source: Value Research

पोर्टफोलियो में कौन सी कंपनियां शामिल?

इन फंड्स में वो शेयर हैं जिन्होंने अच्छे डिविडेंड दिए हैं. मसलन, HDFC डिविडेंड यील्ड फंड का 5.81 फीसदी निवेश HUL में है और 5.44 फीसदी इंफोसिस में है. इस फंड का ITC में 4.46 फीसदी एक्सपोजर है, जबकि TCS में 4.38 फीसदी निवेश है.

इनमें से HUL ने चौथी तिमाही के नतीजों के साथ ही 17 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है. वहीं, इंफोसिस और TCS दोनों ने 15 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है.

डिविडेंड यील्ड वाले इस NFO में भी लगा सकते हैं पैसे

पहले से लॉन्च होकर अपना प्रदर्शन दिखा चुके फंड्स आप चुन सकते हैं. हालांकि, इसी कैटेगरी का एक NFO भी अभी खुला हुआ है. फिलहाल टाटा डिविडेंड यील्ड का न्यू फंड ऑफर चल रहा है. ये NFO 17 मई तक खुला है.

इस NFO में न्यूनतम निवेश 5,000 रुपये का है. NFO के बाद लॉन्च होने के बाद फंड की NAV तय होगी. इस फंड के मैनेजर शैलेश जैन रहेंगे.

फंड की फैक्टशीट में दी गई जानकारी के मुताबिक ये फंड REITs, InvITs और विदेशी बाजार में भी निवेश कर सकता है.

क्या कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? इनमें निवेश करना चाहिए?

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर पंकज मलाडे मानते हैं कि इन फंड्स में जोखिम सीमित है क्योंकि इन्होंने उन्हीं कंपनियों में निवेश किया है जिन्होंने अपना प्रदर्शन और वैल्यू साबित की है.

उनका कहना है कि बाजार में SEBI के नियमों के बाद अभी कई तरह की कैटेगरी आ गई हैं. हालांकि ये भी किसी अन्य आम इक्विटी स्कीम जैसे ही है. निवेशक चाहें तो अपने लिए डायवर्सिफाइड और लार्जकैप फंड चुन सकते हैं.

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स इक्विटी फंड्स में लंबी अवधि के लिए पैसा लगाने की सलाह देते हैं.

(Disclaimer: म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले जोखिम जरूर समझें, अपने एडवाइजर से सलाह लेने के बाद ही निवेश करें.)

Dividend KYA HOTA HAI

लाभांश शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है लाभ + अंश , लाभ का अंश,
इसको अगर हम Simple Language में समझे तो
किसी बिजनेस के मुनाफे को अपने हिस्सेदारो के बीच में शेयर करना
लेकिन जब कोई बिजनेस डिविडेंड देता है तो पूरे के पूरे मुनाफे को हिस्सेदारो के साथ में शेयर नहीं करता मुनाफे के एक छोटे से हिस्से को शेयर करता है अगर बिजनेस अपने पूरे के पूरे मुनाफे को हिस्सेदारों के साथ में शेयर कर देगा तो बिजनेस के पास खुद में री इन्वेस्ट कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? करने के लिए कुछ नहीं बचेगा इसलिए मुनाफे के एक छोटे से हिस्से को ही हिस्सेदारो के साथ में शेयर किया जाता है
मान लो कि आपकी कोई कंपनी हो और आप अपने हिस्सेदारों के साथ में मुनाफे को शेयर करना चाहते हैं तो आप के के एक छोटे से हिस्से को ही शेयर करेंगे

जिसको कहा जाता है डिविडेंड,

उम्मीद है कि अब तक आप समझ चुके होंगे कि डिविडेंड क्या होता है अब हम सीखेंगे स्टॉक मार्केट की भाषा में डिविडेंड क्या होता है जब कोई कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? कंपनी स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो जाती है तो उसके बहुत सारे हिस्से मतलब शेयर बन जाते हैं कंपनी को लिस्ट कराया जाता है ताकि कोई भी आम आदमी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी खरीद सके और कंपनी का Part Owner बन सके

ओर कम्पनी को अपने BUSINESS को बढ़ाने के लिए पैसा मिल सके

आप किसी कंपनी के स्टॉक खरीदते हैं और कंपनी अच्छा मुनाफा कमाती है अपने मुनाफे में से कुछ पैसे को शेरहोल्डर्स में बाटती है जिस को कहा जाता है डिविडेंड

अब डिविडेंड के साथ में एक नया कांसेप्ट और आ जाता है डिविडेंड यील्ड का इसलिए समझते हैं इसको भी आसान भाषा में कि डिविडेंड यील्ड होता क्या है

तो दोस्तों इसका मतलब होता है कि कंपनी के शेयर प्राइस का कितने परसेंट डिविडेंड कंपनी देती है,

मान लो कि किसी कंपनी के शेयर का प्राइस है ₹100 और कंपनी पर शेयर डिविडेंड देती है ₹5 का तो कंपनी का डिविडेंड यील्ड होगा 5% का,

मतलब कंपनी ने शेयर प्राइस का जितना परसेंट डिविडेंड दिया उसको कहा जाता है डिविडेंड यील्ड

चलिए इसको एक EXAMPLE से समझते हैं मान लो कि आपने ITC कंपनी के 100 शेयर लिए और कंपनी ने मुनाफा कमाया 100 करोड़ का और मुनाफे में से 10 करोड़ को कंपनी ने शेयर होल्डर्स को बांट दिया डिविडेंड के रूप में और कंपनी के टोटल शेयर हो एक करोड़ तो जो डिविडेंड होगा वह होगा ₹10 पर शेयर अब अगर आपके पास में कंपनी के 100 शेयर हैं आप को मिलेंगे ₹1000

और कंपनी का डिविडेंड यील्ड हुआ 10 परसेंट का

डिविडेंड इन्वेस्टर्स के लिए एक बहुत अच्छी इनकम होती है
इसके बेस पर आप फाइनेंसियल फ्री भी हो सकते हैं वह कैसे चलिए बताता हूं आपको

मान लो कि आपका साल का खर्च हो ₹100000
तो अब आपको साल में ₹100000 के डिविडेंड की जरूरत होगी अब आप कर यह सकते हैं कि आप किसी अच्छा डिविडेंड देने वाली कंपनी के स्टॉक खरीदना स्टार्ट कर सकते हैं और कंपनी के स्टॉक खरीदते चले जाएंगे धीरे-धीरे कंपनी अपने स्टॉक का प्राइस भी बढ़ाएगी अगर कंपनी अच्छी है तो डिविडेंड यील्ड भी बढ़ाएगी शेयर खरीदने से आपको डिविडेंड के अलावा भी कई फायदे होते हैं जब आप के शेयर का प्राइस बढ़ेगा तो आपकी वेल्थ भी बढ़ेगी बशर्ते आपने किसी अच्छी कंपनी के शेयर को भी खरीदा हो अगर आप किसी ऐसी कंपनी के शेयर को खरीदते हैं जो कंपनी घाटे में चल रही है तो कोई भी फायदा नहीं होने वाला अगर कंपनी घाटे कौन सी कंपनियां डिविडेंड देती हैं? में चल रही है तो कंपनी कितना भी डिविडेंड दे लेकिन जितना डिविडेंड देगी उससे ज्यादा स्टॉक का प्राइस कम हो जाएगा इसलिए डिविडेंड के चक्कर में कंपनी को एनालाइज करना मत भूलये

लेकिन अगर आप किसी अच्छी कंपनी के स्टाफ को खरीदते हैं तो कंपनी के शेयर का प्राइस भी बढ़ेगा और डिविडेंड यील्ड भी बढ़ेगा कंपनी जितना ज्यादा मुनाफा बनाएगी उतना ही ज्यादा आपको फायदा होगा इसलिए आपको कभी भी केवल डिविडेंड के चक्कर में आकर किसी कंपनी के स्टाक को नहीं खरीदना चाहिए
आपको सारी की सारी चीजों को एनालाइज करना चाहिए
जैसे कि कंपनी कितने सालों से लगातार मुनाफा बना रही है और क्या आगे भी ऐसे ही बनाती रहेगी अगर बनाती रहेगी समझ लीजिए कि कंपनी आपके लिए एक जैकपोट है और डिविडेंड भी भर भर कर देगी ,
और डिविडेंड इन्वेस्टिंग करने से पहले एक बात का ख्याल जरूर रखिए कि जो ग्रोथ कंपनियां होती है वो कम डिविडेंड पे करती है एक इस्टैबलिश्ड कंपनी के कंपैरिजन में
इसलिए अगर आप डिविडेंड इन्वेस्टिंग करना चाहते हैं तो आपको ब्लूचिप कंपनियों के साथ में जाना चाहिए क्योंकि ब्लू चिप कंपनियां इस्टैबलिश्ड कंपनियां होती है
यह आपको डिविडेंड भी अच्छा देती हैं इनके स्टॉक का प्राइस भी धीरे-धीरे बढ़ता रहता है आपको डिविडेंड से अलग भी करीब 12 से 15% का रिटर्न हर साल यह कंपनियां देती रहती है
तो दोस्तों यह थी डिविडेंड की परिभाषा उम्मीद है कि अब आपको clarity भी हो गई होगी की डिविडेंड क्या होता है
अगर आप सीखना चाहते हैं स्टॉक मार्केट के सारे कांसेप्ट बिल्कुल सिंपल लैंग्वेज में और बेसिक से तो आप सब्सक्राइब कर सकते हैं हमारे यूट्यूब चैनल Trade Booster को जहां पर हम सिखाते हैं स्टॉक मार्केट में पैसा कैसे बनाएं

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जहां हम एनालाइज करते हैं कंपनियों को कि कौन सी कंपनी डिविडेंड पेइंग कंपनी है और कौन सी कंपनी एक ग्रोथ कंपनी है तो दोस्तों इस पोस्ट को पढ़ने के लिए
आपका धन्यवाद

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